नेता बनने के फायदे - How to become a successful politician


आजकल लोगो को नेता बनने का सुरूर चढ़ा हुआ है। जिसे देखो खादी पहनकर भाषण देता हुआ दिख जाता है।


नेता बनने के लिए कुछ खास नहीं करना है और बनने के बाद भी कुछ नहीं करना है सबसे बड़ा फायदा यही है। बस शुरुआत में थोड़ा संघर्ष है परन्तु नेता बनने के बाद बहुत फायदा है।

जैसे शादी ब्याह का, फसलों के पकने का, तीज त्यौहार का, बसंत बहार का, सावन के आने का एक मौसम होता है वैसे ही चुनावो का भी एक मौसम होता है।  जैसे बाकि सब मौसमों में सबका मन प्रफुल्लित होता है वैसे ही चुनाव के मौसम में वर्ग विशेष हर्षोल्लाषित होता है।  जिनमे नेता, राजनेना, अभिनेता, छुटभइये नेता, चमचे सब खूब खुश होते है।

नोट : चुनाव के इस त्यौहार की खुशी में जनता शामिल नहीं होती है,  उनको जबरदस्ती शामिल किया जाता है।  क्योंकि चुनाव जनता की भलाई के लिए नहीं, नेताओ की भलाई के लिए करवाए जाते हैं।

नेता बनने के लिए कोई विशेष योग्यता नहीं चाहिए। फिर चाहे वो गुंडा हो, मवाली हो, वसूली करने वाला हो, सरकारी नौकरी में पक्का घूसखोर रहा हो, नौकरी छोड़ के बीबी की कमाई पर ऐश काटने वाला निकम्मा या ऐय्याश हो, कालेज में साल दर साल फेल होने वाला छात्र नेता हो, खानदानी विरासती नेता हो, फ्लॉप फिल्मे करने वाला कोई अभिनेता हो, कहने के नाम पर कोई सोशल एक्टिविस्ट हो या बिंदी, मोमबत्ती गैंग का संचालक हो, नेता का यार या रिस्तेदार हो, धर्म - जाती, मंदिर मस्जिद, RWA  इत्यादि के नाम पर पैसा इकट्ठा करके खाने वाला हो या धर्म - जाती के नाम पर लोगो को उकसाकर उनको लेकर धरने पर बैठने वाला हो, कोई पाखंडी बाबा हो जिसको भोली भाली जनता को बेवकूफ बनाने का हुनर अच्छे से आता हो, चीखने चिल्लाने वाला पत्रकार हो, सरकार की तूती बजाने वाला टीवी चैनल का मालिक हो या एंकर हो, खिलाफ में बोले तो भी चलेगा क्योंकि विपक्ष उसको कभी न कभी टिकट दे ही देगा, कवि हो या गवईया, बेशक भांड ही हो कोई फर्क नहीं पड़ता बस मौका परास्त होना चाहिए. अगर आप नेता बनने का और कमाने का लक्ष्य लेकर चाहते तो रास्ते में मुसीबते बेशक आये मगर आप उनको आसानी से पर कर लेते है।  चाहे फिर वो किसी को रास्ते से हटाना हो या साथ लेकर चलने के लिए मानना हो क्योंकि फिर तो बात सिर्फ लूट के बटवारे की ही रह जाती है और ज्यादातर इसमें कामयाब भी हो जाते हैं।

दिक्कत सिर्फ तब आती है जब आप जनता की सेवा का ध्येय लेकर चलना चाहते है. आपको हर राह में रोड़ा मिलेगा, जो कल तक आपके साथ चलने की कसमे खा रहा था, वो आज किसी ओर के साथ खड़ा मिलेगा. हर कदम पर आपको अपनी ईमानदार, कर्मठता, जनप्रेम को साबित करते रहना होगा. अगर आप ऐसा करने में नाकामयाब हुए तो कोई आपका अपना कहलाने वाला ही अपने सिर पर पॉंव रखकर आपकी बनाई नींव की चूलें हिला देगा.


आजकल नेतागिरी से ज्यादा कमाई करने वाला कोई भी पेशा नहीं है. बस एक बार सत्ता की कुर्सी आपके हाथ लगने भर की देरी है, आपकी बम्पर कमाई शुरू हो जाएगी. कमाई के साथ साथ आपकी जय जयकार भी हर तरफ गूंजने लगेगी और आपसे भला और नेक इंसान कोई नहीं होगा. बड़े बड़े अधिकारी आपके सामने नतमस्तक होंगे और आपके हुक्म की तामील करना उनका सौभाग्य होगा. और तो और रिश्वत देने वाले खुद आपके पास चलकर आएंगे और आपके फायदे के बारे में आपको बताएंगे. वो आपको बताएंगे की आप किस किस अधिकार का उपयोग करके किस किस विभाग से किस किस प्रकार से क्या क्या फायदा उठा सकते है और कितने कितने पैसे का घोटाला कर सकते हैं।  निजी कारोबारी भी अपने फायदे के लिए आपकी जेबें भरने में पीछे नहीं रहेंगें।  जनता को फायदा पहुँचाने के नाम पर आप कभी भी टेंडर निकलवा कर अपना फायदा कर सकते है.  पार्टी फण्ड के नाम पर जनता से पैसे इकठ्ठा करना भी कमाई का अन्य जरिया हो सकता है.

इस पैसे को कमाने के लिए आपको कुछ साधारण और सदा से चले आ रहे कार्य ही करने है और वही पुराने राग अलापने है जो पहले वाले नेता अलाप चुके हैं।  जिनमे से प्रमुख है:-

1 . पिछली सरकार और उसकी नीतियों पर दोषारोपण करना.
2. पुराने नेता को चोर और घोटालेबाज बताना.
3. अपना और अपने काम का गुणगान करना.
4. भावी योजनाओं के बारे में बताना और उनको जल्द लागू करने का प्रलोभन देना.
5. और सबसे प्रभावशाली टोटका ये है कि जनता को अपनी समस्याएं बताने के लिए सीधे अपने घर पर आमंत्रित करना।  जनता को लगेगा की नेताजी हमारे कितने नजदीक है मगर हकीकत में आपको वैसा कुछ नहीं करना पड़ता। जब भी कोई आपसे मिलने आये तो 70% आप घर पर नहीं होते हो और आपके दरबान उन लोगो को बहार से चलता कर देंगे और बाकि बचा 30% आप इतना व्यस्त होते हैं की मिलने आये लोगों की पूरी बात भी नहीं सुन पाते। तो जनता का काम करने का इतना झंझट पालने की जरुरत ही नहीं। आपको तो बस जनता के लिए जो योजनाएं बनाई जा रही है उनमे अपनी हिस्सेदारी के लिए चिंतित होना है और उन्ही लोगो से ज्यादातर मिलना है जिनके हक़ में इन योजाओं के टेंडर आपने पास करने है।

नेता बनने का एक फायदा और भी है। आपके पैसे में जो दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की हो रही है उसकी रखवाली के लिए सरकार आपको पहरेदार मुहइया करवाएगी।  आपका खाना पीना रहना सब मुफ्त हो जायेगा, और भत्ता भी मिलेगा। घूमने के लिए सरकारी गाड़ी और आपकी सुरक्षा के लिए सशस्त्र सैनिक अलग से मिलेंगे। आपके लिए ईंधन, टोल - टैक्स तथा अन्य सभी कर माफ़ होंगे और अगर कोई मांगता भी है तो बतौर नेता आप अपनी हेकड़ी दिखा कर वहाँ से निकल सकते हैं।  पुलिस प्रशासन सब आपकी जेब में होगा तो आप पर कोई मुकदमा भी नहीं कर सकेगा।

ये तो बात हो गई नेता बनने के फायदों की, अब बात करते है कि नेता कैसे बना जाये।
अगर आप निन्मलिखित सूचि में से किसी भी क्रम पर खुद को पाते है तो आपका नेता बनने का सपना पूरा हो सकता है :-

गुंडे मवाली :- अगर आप गुंडे मवाली हो और जनता को डराने धमकाने या लूटकर पैसा बनाने आपको ख़ुशी मिलती हो तो आपके नेता बनने के आसार है।  अपने एरिया की जनता को डरा धमका कर आप आगे बढ़ सकते है, आपको आपके जैसे ही सहयोगी भी जल्द ही मिल जायेंगे जो आपको आगे बढ़ने में भरपूर सहयोग करेंगे। लूटेरो और जालिमो का पूरा गैंग, आपके एरिया में आपका संरक्षण पाए जेबकतरे, झपटमार, नशे का व्यापर करने वाले, 2 नंबरी, 10 नंबरी, चकले वाले, मुफ्तखोर, कला बाजारी करने वाले सब आपके साथ होंगे।  एक दो कर आप जेल भी गए हो तो सोने पे सुहागा।  जनता दोगुना डरेगी और जेल के दौरान दूसरे अपराधियों, पुलिस और वकीलों से की गयी सांठगांठ आपके खूब काम आएगी।

वसूली लाल :- अगर आप वसुलीलाल है तो भी आप आराम से नेता बन सकते हैं।  वसूली का पैसा अकेला आदमी कभी इकठ्ठा नहीं कर सकता।  यह इकाई संगठित रूप में काम करती है।  मसलन धमकी देने वाले, जनता को डराने वाले, हाट बाजार रेहड़ी ठेला इत्यादि से वसूली व उगाही करने वाले सब इसके संघ में होते है।  दुकानदार, बिल्डर, खाली प्लाट के मालिक, हाट बाजार, ठेली पटरी पर सामान बेचने वाले इनके पसंदीदा होते है।  पुलिस और स्थानीय गुंडों से सांठ गांठ बहुत काम आती है।  उस संघ और सांठगांठ को और मजबूत करके आप बड़े नेता बन सकते है।

नोट: वसूली और उगाही में मुख्य अंतर यह होता है कि वसूली में किसी का पैसा जबरदस्ती छीना जाता है और उगाही में  पैसा कर या लगान ले रूप में जनता को सर्कार से मिलने वाली सुविधाओं के बदले लिया जाता है।  लेकिन वसूली लालो द्वारा यह पैसा जनता को डरा धमकाकर उनकी जान माल की सुरक्षा के नाम पर लिया जाता है। 

खानदानी विरासती नेता :- अगर आपके खानदान में कोई नेता रहा हो या आपका परिवार अब भी नेतागिरी से जुड़ा हो तो समझ लीजिये आपको नेता  सुनहरा अवसर विरासत में मिला है। आपको बस अपने खानदान द्वारा की गयी सेवाओं का बखान और गुणगान करना है।  मौकापरस्त लोग खुद ही आपके साथ जुड़ते जायेंगे और आपको आपको नेता बनाने में भरपूर सहयोग करेंगे.

नेता का यार या रिस्तेदार :- अगर आप नेताजी के खासमखास हो या फिर कोई खास रिस्तेदार हो तो आपको टिकट मिलना तय है।  कार्यकर्ता चाहे कितने भी कर्मठ हो, चाहे उन्होंने पार्टी के लिए कितना ही दिन रात एक किया हो, कितने ही लोगो को आपके पक्ष में वोट डालने के लिए मनाया हो, नेताजी की लूट का माल सकरने में आहार अपने उनका सहयोग किया होगा तो आपको जमीनी कार्यकर्ताओ से ज्यादा प्रमुखता दी जाएगी।

नोट: लूट के माल के बारे में सिर्फ कुछ खास लोगो को ही पता होता है जोकि खास मित्र या रिस्तेदार ही होते हैं। नेताजी उन्ही के माध्यम से ही यह धंधा चलते है।  ऐसे लोग कभी कभी नेताजी को टिकट के लिए ब्लैकमेल भी करते है और कामयाब भी हो जाते है.

छात्र नेता:- अगर आप कई वर्षो से एक ही कॉलेज में पढ़ाई करने के नाम पर में जमे हुए हैं, कॉलेज में रहने की समयावधि बढ़ाने के लिए बार बार फेल हो जाते है, भीड़ को उकसाने वाले भड़काऊ भाषण देते है,  कॉलेज में अपना एक अलग गैंग और फैन फ्लोवर बना लिया है, कॉलेज प्रेजिडेंट का चुनाव हर या जीत चुके है तो आपके राजनीती में आने के अच्छे आसार है।

नोट : यहाँ पर आपको कॉलेज के प्रिंसिपल से लेकर चपरासी की सहायता की जरुरत पड़ेगी।  इसलिए आपको तिकड़मबाज होना बहुत जरुरी है।  सक्रिय राजनीती में उतरने के बाद इनमे से बहुत सारे आपके लिए पैरवी करेंगे और बाहरी लोगो से आपके लिए फंड इकठ्ठा करने में सहयोग करेंगे। आपका गैंग आपके लिए भीड़ इकठ्ठा करेगा और शहर में जलूस निकलेगा। भोली भाली जनता आपके जलूस को देखकर ही ये अंदाजा लगाएगी कि इतने सारे लोग आपके पीछे बेवकूफ बनकर तो नहीं चल रहे।  जबकि सच्चाई ये है की ऐसी भीड़ में हर दूसरा शख्स यही सोचता है कि मै दूसरे के साथ हूँ। आपके जलूस को प्रभावित करने की कला को देखकर कोई राष्ट्रीय पार्टी भी आपको टिकट दे सकती है।

ऐय्याश:- अगर आपकी पत्नी कामकाजी है और आपका काम में मन नहीं लगता अभी भी आपके नेता बनने का स्कोप है क्योंकि अपने ये मान लिया है की आपको काम नहीं करना, बस ऐश करनी है।  इसके लिए आपको अपने जैसे निठल्ले ढूंढ़ने है जो कभी भी कही भी आने जाने के लिए तैयार रहें। गली मोहल्ले पार्क सोसाइटी में होने वाले कार्य कर्मो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले और अपने को सेवा के लिए तत्पर दिखाए।  इक्के दुक्के छुटभैये नेता से मिलते रहे और फिर पार्टी के नेता के आगे दुम हिलाये।  कभी न कभी शायद ऐसा संयोग बन जाये की पार्टी को आपकी सेवाओं की जरुरत पड़ जाये और आपका नेता बन कर ऐश करने का सपना पूरा हो जाये।

धर्म - जाती, मंदिर मस्जिद, RWA का पैसा खाने वाला: - अगर आप धार्मिक स्थलों के नाम पर या RWA बनाकर पैसा इकठ्ठा करने और हिसाब मांगने पर जनता को हड़काने और उल्टा दोषारोपण में माहिर है तो नेता बनना आपके लिए मुश्किल नहीं है।  RWA बनाकर गली मोहल्ले से पैसा इकट्ठा करते रहिये और उस पैसे से अपने नेता बनने का रास्ता साफ करते जाइये।  एक दिन आप इतने प्रभावशाली हो जायेंगे की आपसे कोई हिसाब मांगने की हिम्मत भी नहीं कर पायेगा।

नोट: आजकल यह तरीका खूब प्रचलन में है। धार्मिक स्थल बनाने के नाम पर जनता से खूब पैसा इकट्ठा किया जाता है और फिर उसका ट्रस्ट बनाकर केवल कुछ ही लोगों द्वारा वह का पैसा लूटा जाता है।  नेता बनने के लिए ये कला भी काफी मदगार हो सकती है। सरकारी जमीन कब्जाने और उसका ट्रस्ट बनाने में यह पैंतरा खूब काम आता है।



 अभिनेता: अगर आपकी फिल्मे आपकी कमाई का जरिया नहीं बन पा रही हैं तो आप किसी राजनेता का दामन थाम कर खुद भी नेता बन सकते है। चूँकि अभिनय करने में आप माहिर है और जनता को अपने अभिनय का जादू दिखा कर आप अपने पक्ष में वोट डलवा सकते है।  जनता आज भी आपको आपके अच्छे अभिनय के लिए याद रख रही होगी, बस आपको उसी का फायदा उठाना है।  नेताओं के लिए  प्रचार में भीड़ जुटाने से शुरुआत करके आप अपने लिए भी भीड़ जुटा कर नेता बन सकते हो।  इस तरीके से बन गए तो ठीक वरना नेताओ से संबंध का रसूख दिखा कर आप फिल्मे तो आराम से हथिया सकते हो।  कुछ तुच्छ अभिनेता आजकल इस तरीके को आजमाकर धड़ाधड़ फिल्मे कर रहे है।


सोशल एक्टिविस्ट: नेता बनने में सोशल एक्टिविस्ट भी किसी से पीछे नहीं हैं। आप किसी भी सोशल एक्टिविटी के मुखिया बन जाइये, सरकार की कमियां गिनवाइये, विपक्षी पार्टी से सम्पर्क साधिये, जनता को इकठ्ठा करके धरने पर बैठिये, भूख हड़ताल करिये, मोमबत्ती मार्च निकालिये, मिडिया के सामने अंतिम सांसे लेने का ढोंग करिये और अपनी बेहतरीन नौटंकी को मिडिया की मदद से घर घर पहुंचाइये, फिर दिखिए कैसे कैसे नेता, अभिनेता, दूर दराज के इलाकों में रहने वाले टुकड़े टुकड़े गैंग के समर्थक जो ना आपको जानते है ना आप उनको जानते है मगर आपके नाम पर राजनैतिक रोटियाँ सेकने की लिए आपके आस पास ही खड़े नज़र आएंगे। मिडिया के साथ साथ सोशल मिडिया भी भीड़ जुटाने के इस काम में आपकी बखूबी सहायता करेगा। विदेशों से फंड जुटाने, कॉर्पोरेट हाउसेस से मिलवाने , आपके ऊपर पैसा लगाने के लिए लॉबी का बंदोबस्त करने वाले भी आपको हाथो हाथ लेंगे।  सरकार को झुकाने के आपके पैंतरे जितने घातक होंगे, नेता बनने का आपका दावा उतना ही मजबूत होगा। जनता के मूढ़ को देखकर सत्ता धारी या विपक्षी पार्टी आपको टिकट दे सकती है। अगर कोई पार्टी आपकी शर्तो पर खरी नहीं उतरती तो आप जनता से विश्वासमत हासिल करके अपनी पार्टी बनाकर राजनीति में कूद सकते हैं।  इन सब कार्य कलापो से आप नेता बने या ना बने करोड़पति जरूर बन जायेंगे।

नोट: मुद्दा चाहे कुछ भी हो, आपको सिर्फ अपने फायदे के लिए जलूस निकलने है।  अगर कोई समरूप मुद्दा आपको मिलता है और उसे से आपको कोई फायदा न होता हो तो कतई उस मुद्दे में भागीदार न बने।


पाखंडी बाबा:- अगर अपने अपने एरिया के किसी मंदिर अथवा मठ वगैरह पर कब्ज़ा कर लिया है, मुख्य पुजारी, मठाधीश या समकक्ष पद हथिया लिया है,  उस जगह के चढ़ावे पर आपका कब्ज़ा है, 5 - 10 मुफ्तखोर आपके इर्द गिर्द रहने लगे हैं, हजारों लाखों श्रद्धालु आपके डेरे, अखाड़े में आने लगे हैं, इक्के दुक्के राजनेता चुनाव के समय आपके चक्कर लगाने लगे है और अपने पाखंड को करिश्मा बता कर आपने जनता को मंत्रमुग्ध करके अपने चंगुल में फाँसने की कला में महारत हासिल कर ली है, तो समझ लीजिये आपके नेता बनने का सही समय आ गया है।  आपको बस इतना भर करना है की चुनाव से कुछ समय पहले जनता की भारी भीड़ जुटाकर अपनी जयजयकार करवानी है जिसे राजनीती की भाषा में शक्तिप्रदर्शन कहते हैं।  मौका देखकर आप सरकार को चेता सकते हो की टिकट डोज तो ठीक वर्ना वोट विपक्षी पार्टी को जायेगा. वोटबैंक की इस राजनीती का फायदा उठाकर आप आराम से नेता बन सकते है।

पत्रकार:- पत्रकार का पेशा भी आपको नेता बना सकता है, बशर्ते आपको टांग खिंचाई करने में, झूठी खबरें फ़ैलाने में, सरकार के पक्ष या विपक्ष में बोलने में, डिबेट के नाम पर स्टूडियो को संसद बनने में , झूठ को चीख चीखा कर सच बनातने में, नेताओ के झूठे इंटरव्यू लेने में, झूठे तथ्य पेश करने और सच को दबा देने में महारत हासिल हो।
नोट: पत्रकार को सरकार के पक्ष या विपक्ष किसी भी तरफ बोलने का फायदा मिलता है। पक्ष में बोलते हैं तो मौजूदा सरकार के चहेते बने रहेंगे और नेताओ ने नजदीकियों का फायदा उठाकर सरकार में शामिल हो सकते है। विपक्ष में बोलने पर आप सरकार को ना चाहने वाले वर्ग के चहेते बन सकते हैं।  अगर आपका प्रतिपक्ष के नेताओ से अच्छा तालमेल रहा तो आने वाले चुनाव में आपको भी टिकट मिल सकता है और नेता बनने का सपना पूरा हो सकता है।

कवि या भांड:- आजकल कवि कम भांड ज्यादा देखने को मिलते हैं। लगे पड़े है कागज कलम लेकर लिखने में। ना भाषाई ज्ञान, ना व्याकरण से कुछ लेना देना।  बे सिर पैर का कुछ भी लिख लिख कर सोशल मिडिया पर धड़ाधड़ पोस्ट कर कर के जबरदस्त फैन फोल्लोवेर्स बना लिए है। अब ढोंगी बाबाओं की तरह जो भी अपने फॉलोवर्स को बोलते हैं,  वही इनके फॉलोवर्स के लिए भगवान का आदेश होता है।  इस तरह भी कुछ भांड नेता बनने में कामयाब हुए है।

सरकारी कर्मचारी :- सरकारी कुर्सी पर बैठकर नेताओं से सांठगांठ करके जो अकूत संपत्ति आपने कमाई है उसे अपनी नेता बनने की इच्छापूर्ति में लगा सकते हैं। आजकल ऐसे बहुत सारे सरकारी कर्मचारी चुनाव के समय खुद भी नेताजी जैसी वेशभूषा में दिख जायेंगे।  सरकार में पॉंव ज़माने का सबसे बढ़िया मौका चुनाव के समय ही मिलता है।  चुनावी सरगर्मियों के बीच अपने चहेते नेता के लिए प्रचार के दौरान कुछ बढ़िया बढ़िया फोटो नेता जी की तरह पोज़ देते हुए खिंचवा लीजिये। जनता में अपनी काली कमाई को उड़ाकर और उनकी सहानुभूति बटोरकर उनके मसीहा बन जाइये। मुफ्त की कमाई से कुछ चेले चपाटे भी बना लीजिये जो आपके लिए प्रचार करेंगे और फिर देखिये जनता कैसे आपको हाथो हाथ लेती है।

नोट : इस टोटके से आप नेता बन गए तो ठीक वार्ना नेताजी की नजरे इनायत तो आप पर हो ही जाएगी।  इस से आपको ये फायदा हो जायेगा कि आपकी काली कमाई पर कोई आंच नहीं आएगी मसलन कोई छापा वगैरह नहीं पड़ेगा और सरकार में आपके काम भी होते रहेंगे।


तो इस तरह से आप समझ गए होंगे की नेता बनना कोई मुश्किल काम नहीं है। क्योंकि जनता तो जागने वाली है नहीं, और आज भी अपनी अपनी स्वार्थसिद्धि के लिए किसी भी गुंडे, मवाली, घुसखोर, घोटालेबाज़, नौटंकीबाज़, पाखंडी, ऐय्याश या भांड को चुनने से नहीं हिचकिचाएगी। मगर मुकाबला बहुत कड़ा है क्योंकि आजकल नेताजी बनने के लिए आपके जैसे बहुत सारे हुनरबाज दौड़ रहे हैं।  इस दौड़ में अगर आप जीत गए तो सत्ता सुख के साथ साथ आपको धनकुबेर बनने से कोई नहीं रोक सकता

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